रूस में भूकंप और संभावित सुनामी की घटना वाकई गंभीर है। आइए इसे सरल और स्पष्ट रूप में समझते हैं:
🌍 क्या हुआ रूस में?
हाल ही में रूस के दूर-दराज़ के क्षेत्र (जैसे कि कामचटका प्रायद्वीप या कुरिल द्वीप समूह) में तेज भूकंप आया।
रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.5 से 7.5 के आसपास बताई गई।
भूकंप का केंद्र समुद्र में था, इसलिए सुनामी की आशंका भी जताई गई।
🌊 कैसे बनती है सुनामी?
जब समुद्र के नीचे ज़ोरदार भूकंप आता है, तो समुद्र की सतह ऊपर-नीचे होती है।
इससे विशाल समुद्री लहरें बनती हैं, जिन्हें हम सुनामी कहते हैं।
ये लहरें तेज़ गति से तट की ओर बढ़ती हैं और भारी तबाही मचा सकती हैं।
🚨 रूस में सुनामी अलर्ट:
भूकंप के तुरंत बाद रूसी अधिकारियों ने कुछ तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी चेतावनी जारी की।
लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।
कुछ समय बाद जब यह स्पष्ट हुआ कि लहरें उतनी घातक नहीं हैं, तो अलर्ट को हटा दिया गया।
🛰️ NISAR जैसे सैटेलाइट्स का क्या रोल हो सकता है?
ऐसे प्राकृतिक आपदाओं की भविष्यवाणी और अलर्ट के लिए NISAR जैसे एडवांस सैटेलाइट्स अहम भूमिका निभाएंगे।
वे प्लेट मूवमेंट, समुद्र सतह की हलचल, और ज़मीन के बदलावों को लगातार ट्रैक कर सकते हैं।
भविष्य में इस तरह की घटनाओं से पहले सटीक चेतावनी संभव होगी।
📌 अब तक क्या नुकसान हुआ?
फिलहाल जान-माल के नुकसान की कोई बड़ी खबर नहीं आई है।
सरकार और आपदा राहत एजेंसियां अलर्ट पर हैं।