ऐतिहासिक बदलाव:
डिसंबर 2025 में यूरोप (EU सहित UK व EFTA देश) में Battery Electric Vehicles (BEVs) यानी पूरी तरह बिजली से चलने वाली कारों की बिक्री पहली बार पारंपरिक पेट्रोल-कारों (गैसोलीन) से ज़्यादा रही — यह यूरोपीय ऑटोमोबाइल बाजार का एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है। �
✔ बिक्री के आंकड़े:
- BEVs ने डिसंबर में कुल करीब 300,000 नई कारों की बिक्री दर्ज की, जो पेट्रोल कारों की संख्या से थोड़ा अधिक थी। �
- ट्रेंड डेटा से पता चलता है कि BEV बिक्री में तेज़ी से वृद्धि हो रही है, जबकि पेट्रोल/डीज़ल कारों की बिक्री लगातार घट रही है। �
✔ मार्केट शेयर: - EVs (BEVs) ने लगभग 22.6% बाजार हिस्सेदारी पाई, जबकि पेट्रोल-कारों की हिस्सेदारी 22.5% थी — यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से EV की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। �
- यही असर इस बदलाव का मुख्य कारण बना। �
✔ क्यों यह महत्वपूर्ण है:
🔹 यूरोप अब पर्यावरण-अनुकूल वाहनों की ओर अग्रसर है — लंबे समय से चल रहे इलेक्ट्रिक विज़न को यह मिल का पत्थर माना जा रहा है। �
🔹 पेट्रोल/डीज़ल कारों की गिरती मांग और EV के विकल्पों (जैसे सस्ते EV मॉडल) की उपलब्धता ने यह बदलाव संभव बनाया है। �
🔹 हालांकि पूरी बिक्री में हाइब्रिड कारें अभी भी सबसे अधिक बिकने वाली श्रेणी बनी हैं, BEVs की यह उपलब्धि एक बड़ा संकेत है कि भविष्य में EV का प्रभुत्व और मजबूत होगा। �
📊 अतिरिक्त विवरण (कुल बिक्री का परिप्रेक्ष्य) - पूरा वर्ष 2025 देखा जाए तो BEVs का हिस्सा बढ़कर लगभग 17.4% हो गया, लेकिन पेट्रोल-कारें कुल मिलाकर अभी भी पूरे वर्ष के रुझान में आगे थीं। �
- इस उपलब्धि का सबसे बड़ा कारण नए EV मॉडलों की बढ़ती पसंद, बेहतर रेंज, और सस्ते कीमत वाले विकल्पों की उपलब्धता है। �