मुख्य बदलाव (Point-to-Point):
- अब नई कार, जीप और वैन के लिए जारी होने वाले FASTag पर ‘Know Your Vehicle’ (KYV) वेरिफिकेशन प्रक्रिया अनिवार्य नहीं रहेगी। यानी, टैग लेने के बाद अलग से KYC/KYV कराने की जरूरत नहीं होगी। �
- यही बदलाव नए FASTag के लिए सीधे लागू होगा — टैग जारी होने के बाद तुरंत ही उसे उपयोग में लिया जा सकता है। �
- पुराने FASTag धारकों पर भी रूटीन KYV अब लागू नहीं होगा, सिवाय उन मामलों के जहाँ कोई शिकायत या समस्या सामने आए (जैसे टैग गलत तरीके से जारी हुआ हो, टेढ़ा-मेढ़ा या ढीला हट रहा हो या संभावित धोखाधड़ी हो)। �
- Verification का काम अब FASTag जारी करने से पहले ही पूरा करना होगा, और बैंक/जारीकर्ता यह ज़िम्मेदारी VAHAN डेटाबेस आधारित वेरिफिकेशन से करेगा। �
🔹 क्यों यह बदलाव है?
✔ इससे वाहक को टोल प्लाज़ा पर टैग एक्टिवेशन के बाद KYC-सम्बंधी झंझट से राहत मिलेगी। �
✔ दस्तावेज़ बार-बार जमा करने या कॉल/अनुरोधों से परेशानियाँ कम होंगी। �
✔ टोल भुगतान और राष्ट्रीय राजमार्ग यात्रा ज़्यादा सरल और तेज़ होगी। �
हरिभूमि
🔹 ध्यान देने योग्य: - FASTag सिस्टम अब भी राष्ट्रीय राजमार्गों पर सभी वाहनों पर अनिवार्य रहेगा, और टैग जारी होने के बाद उसे समय पर रिचार्ज/सक्रिय रखना आवश्यक है। �
- KYV (या KYC) को केवल विशेष मामलों में जांच या शिकायत के आधार पर लागू किया जा सकता है। �
📌 निष्कर्ष:
1 फरवरी 2026 से FASTag लेने वाले वाहन मालिकों के लिए KYC/KYV प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है — अब टैग जारी होने के बाद अलग से वाहन वेरिफिकेशन कराने की जरूरत नहीं होगी, जिससे प्रक्रिया तेज़ और सुविधाजनक बनेगी। �