🌾 1) आर्थिक सहायता और सीधा समर्थन
PM किसान सम्मान निधि (PM-KISAN): केंद्र सरकार किसानों को सालाना ₹6,000 की सीधी आर्थिक सहायता देती है, सीधे बैंक खाते में (DBT के ज़रिये)। यह योजना भारत के सबसे बड़े किसान-कल्याण कार्यक्रमों में से एक है और करोड़ों किसान इससे लाभान्वित हैं। �
खबरें हैं कि सरकार इस राशि को बढ़ाकर ₹8,000 तक करने पर भी विचार कर सकती है, जिससे किसानों की आय में और इजाफा होगा। �
📈 2) आय बढ़ाने के नए रास्ते (बजट-2026 योजनाएँ)
उच्च-मूल्य वाली फसलों जैसे नारियल, काजू, चंदन को बढ़ावा देकर किसानों की कमाई बढ़ाना। इससे न सिर्फ एक्सपोर्ट बढ़ेगा बल्कि किसानों को बेहतर भाव मिलने में मदद मिलेगी। �
सरकार ने कृषि में AI-आधारित तकनीक (Bharat Vistar) को शुरू किया है, जिससे फसलों की उत्पादन क्षमता, संसाधन उपयोग और निर्णय-सहायता में सुधार होगा — इससे खेती और आय दोनों उभरेंगे। �
🚜 3) आधुनिक तकनीक और बेहतर उत्पादन
सरकारी निवेश और नीतियाँ अब डिजिटल खेती, टिकाऊ कृषि अभ्यास, अनुसंधान-और-विकास पर जोर दे रही हैं, ताकि किसान कम लागत में अधिक फसल उगाएँ और आय बढ़ाएँ। �
💰 4) अन्य सहायता योजनाएँ
सरकार ने कई तरह के कार्यक्रम शुरू किए हैं जो किसान की आमदनी को मजबूती देते हैं, जैसे:
फसल बीमा योजना (PMFBY) — प्राकृतिक जोखिम से सुरक्षा। �
अग्रि-इन्फ्रा फंड — इनपुट, भंडारण और मार्केटिंग इंफ्रा में पूँजी। �
नई PM Dhan Dhanya Krishi Yojana और पल्स मिशन जैसे बड़े प्रोजेक्ट कृषि उत्पादन, विविधीकरण और मूल्य-श्रृंखला वृद्धि के लिए लॉन्च किए गए हैं (₹35,440 करोड़ के पैकेज के तहत)। �
✨ लक्ष्य: किसानों की आय बढ़ाना
सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि किसानों की वास्तविक आय समान्य जीवन-यापन, निवेश-क्षमता और भविष्य की योजनाओं के लिहाज़ से स्थिर रूप से बढ़े। यह एक लंबी यात्रा है जिसमें लागत कम करना, उत्पादन बढ़ाना, बाज़ार पहुँच उन्नत करना और सीधी वित्तीय सहायता शामिल है।