हाल ही में मालदीव की राजधानी माले में बने नए रक्षा मंत्रालय भवन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक विशाल मेगा पोस्टर लगाया गया। यह पोस्टर उनके देश-दोस्त और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
🛡 क्यों खास है यह कदम?
- भारत–मालदीव रक्षा सहयोग
इस इमारत का निर्माण भारत की आप्रदान सहायता से हुआ है, जिसमें तकनीकी सहायता के साथ सौर पैनल, कमांड सेंटर जैसे आधुनिक सुविधाएँ शामिल हैं । पीएम मोदी ने इसी इमारत—जिसे “Dhoshimeyna Building” के नाम से जाना जा रहा है—का उद्घाटन भी किया । - माले की भव्य सजावट
माले सड़कों और चौराहों पर भारतीय व मालदीवी झंडों, फ्लैग्स, और Modi‑संदेश वाले बैनर से सज गया था। बच्चों ने “Vande Mataram” गानों से स्वागत किया, और समारोह में “Modi Modi”, “Naredra Modi Zindabad” जैसे नारों का शोर था । - चौतरफा रणनीतिक संकेत
इस कदम से चीन को मजबूत संदेश जाता है कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत–मालदीव साझेदारी और गहरी हो रही है, खासकर जब हाल के वर्षों में मालदीव ने ‘India First’ के पक्ष में अपनी रक्षा नीति पर जोर दिया ।
🌍 क्षेत्रीय और राजनीतिक महत्व
नNeighbourhood First और SAGAR विजन को मजबूत करते हुए, मोदी सरकार ने हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका को और आगे बढ़ाया है ।
यह रक्षा भवन और भारत की इंडियन अिड में बेरुकी मदद द्विपक्षीय रक्षा क्षमता को मजबूत करेंगी और समुद्री सुरक्षा में साझेदारी को आगे बढ़ाएंगी ।
साथ ही यह चीन के बढ़ते समुद्री प्रभाव के मद्देनज़र एक रणनीतिक प्रतिक्रिया भी मानी जा रही है ।
🎯 सारांश
मोदी के मेगा‑पोस्टर और रक्षा भवन का उद्घाटन एक मजबूत राजनीतिक और रणनीतिक संदेश है।
यह भारत–मालदीव रक्षा तथा तकनीकी साझेदारी के साथ-साथ क्षेत्र में भारत की मुख्य भूमिका की पुष्टि करता है।
मालदीव की ओर से उत्साही स्वागत ने भी द्विपक्षीय संबंधों में नये आयाम जोड़े हैं।