श्रीहरिकोटा से लॉन्च NISAR, भूकंप सुनामी का पहले ही मिल जाएगा अलर्ट

NISAR सैटेलाइट की लॉन्चिंग को लेकर यह खबर काफी महत्वपूर्ण है, खासकर भारत और अमेरिका के संयुक्त अंतरिक्ष मिशन के संदर्भ में। यहां आपको इस बारे में संक्षिप्त और स्पष्ट जानकारी दी जा रही है:


🔭 क्या है NISAR?

NISAR (NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar) एक अत्याधुनिक सैटेलाइट है जिसे NASA (अमेरिका) और ISRO (भारत) ने मिलकर तैयार किया है। इसका उद्देश्य पृथ्वी की सतह पर होने वाले बदलावों की सटीक निगरानी करना है।


🚀 श्रीहरिकोटा से लॉन्च:

NISAR को भारत के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया जाएगा।

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यह 2024 के अंत या 2025 की शुरुआत में लॉन्च हो सकता है।


🌍 भूकंप और सुनामी अलर्ट कैसे देगा?

NISAR की मदद से:

पृथ्वी की प्लेटों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।

जब प्लेट्स में तनाव बढ़ता है (जो भविष्य में भूकंप का कारण बन सकता है), तो उसके संकेत पहले ही मिल सकते हैं।

समुद्रतल की हलचल से सुनामी के खतरे का भी पूर्व आकलन संभव होगा।


🛰️ तकनीकी विशेषताएँ:

इसमें Dual-frequency radar (L-band और S-band) है।

यह प्रति सप्ताह पृथ्वी की लगभग पूरी सतह को स्कैन कर सकता है।

बर्फ के पिघलने, जंगलों के कटाव, ग्लेशियर मूवमेंट, और तटीय बदलावों की भी जानकारी देगा।


🤝 भारत-अमेरिका साझेदारी का प्रतीक:

NISAR पहली ऐसी सैटेलाइट है जिसे दोनों देशों ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। यह विज्ञान, जलवायु अध्ययन और आपदा प्रबंधन में सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

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