जिहाद की मदद से गजवा-ए-हिन्द करना चाहते थे युवक, ATS ने धर दबोचा

📰 न्यूज़ रिपोर्ट

यूपी ATS ने “जिहाद की मदद से गजवा-ए‑हिन्द” की साजिश में लिप्त दो अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

स्थान और तारीख:

लखनऊ / अमरोहा / महाराष्ट्र | 4 अगस्त 2025


🔍 मुख्य तथ्य:

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उत्तर प्रदेश एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है: एक 19 वर्षीय अजमल अली (अमरोहा, यूपी) और दूसरा 24 वर्षीय उसामा माज शेख (महाराष्ट्र के थाने, बड़ला पुर के निवासी और होम्योपैथी चिकित्सक)। दोनों पर “Ghazwa-e-Hind” नामक इस्लामी विजयवाद को लेकर साजिश रचने का आरोप है ।

आरोप है कि वे पाकिस्तान में बैठे मेंटर्स से ऑनलाइन संपर्क में थे और भारतीय मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रेरित कर रहे थे। उद्देश्य था देश को धर्मांध गतिविधियों के माध्यम से अस्थिर करना और शरिया कानून लागू करना ।

अजमल अली की पूछताछ में यह भी सामने आया कि उसके संपर्क नेटवर्क के जरिये उसामा शेख सहित अन्य लोग इन गतिविधियों में शामिल थे।

दोनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। ATS अभी उनके फोन, सोशल मीडिया एवं डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर रही है और संदिग्धों से जुड़े अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान कर रही है ।


🧭 पृष्ठभूमि और प्रसंग:

यह गिरफ्तारी भारत में ऑनलाइन कट्टरपंथ फैलाने वाले नेटवर्क—जो अक्सर “Ghazwa-e-Hind” जैसे धार्मिक नारा लेकर युवाओं को जोड़ते हैं—की एक सशक्त चेतावनी है।

गुजरात ATS ने भी जुलाई में कई AQIS‑समर्थित सोशल मीडिया अभियानों को नियंत्रण में रखा था, जिसमें इंस्टाग्राम और फेसबुक पोस्ट के जरिए “Ghazwa-e-Hind” की कॉल शामिल थी ।


🌀 गंभीरता और संभावित प्रभाव:

अभियुक्तों की गतिविधियों का उद्देश्य धार्मिक नफरत फैलाना और भारत में जिहादी हिंसा को बढ़ावा देना था।

ATS का कहना है कि यह ऑपरेशन देश में बढ़ रहे ऑनलाइन इंडोक्रिनेशन को रोकने के प्रयासों का हिस्सा है, जहाँ युवा वर्ग को सोशल मीडिया के ज़रिए कट्टर विचारधारा की ओर आकर्षित किया जा रहा है।

मामले में आगे की जांच जारी है, और संभव है कि कंटेनमेंट रैड देता हुआ और गिरफ्तारियाँ भी हों।


📋 रिपोर्ट सारांश:

तत्व विवरण

अभियुक्त अजमल अली (19, यूपी अमरोहा), उसामा माज शेख (24, महाराष्ट्र, होम्योपैथी चिकित्सक)
आरोप जिहाद के माध्यम से Ghazwa-e-Hind को बढ़ावा देना, पाकिस्तान से संपर्क
कार्रवाई गिरफ्तारी, FIR दर्ज, न्यायिक हिरासत, डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच
प्रसंग AQIS के ऑनलाइन प्रचार को लेकर गुजरात ATS की कार्रवाई से प्रेरित
निहितार्थ ऑनलाइन कट्टरपंथ के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता, देश की अखंडता से समझौता

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