बिजली अब Wi-Fi की तरह हवा में बिना तार के भेजने की तकनीक सिर्फ कल्पना नहीं रह गई है — दुनिया के वैज्ञानिक इस पर काम कर रहे हैं और इसमें काफी प्रगति भी हुई है। यहाँ हाल के मुख्य ख़बरों के आधार पर पूरी जानकारी
🔌 1. वायरलेस बिजली क्या है?
वैज्ञानिक ऐसे सिस्टम पर काम कर रहे हैं जिनमें बिजली को केबल, तार या सॉकेट के बिना हवा के ज़रिये भेजा जा सकता है — ठीक वैसे ही जैसे Wi-Fi इंटरनेट डाटा भेजता है। इसका मतलब है कि लाइट, मोबाइल, EV (इलेक्ट्रिक वाहन) और अन्य डिवाइसेस को सीधे हवाई संकेत (electromagnetic/laser/RF waves) से पावर मिल सकती है। �
📡 2. फिनलैंड में प्रैक्टिकल ट्रायल
फिनलैंड के वैज्ञानिकों ने प्रयोग में बिजली ट्रांसमिट करने में सफलता दिखाई है, जिसमें लेजर, रेडियो फ्रीक्वेंसी और अन्य तरंगों का इस्तेमाल करके बिजली खाली हवा में भी भेजी गई। इसका मकसद भविष्य में तार-खंभों, सॉकेट्स और जटिल वायरिंग को कम करना है। �
🧪 3. अभी कहाँ तक प्रगति हुई है
रिसर्च और प्रोटोटाइप विकसित किए जा रहे हैं, लेकिन व्यापक रूप से घरों और शहरों में इस्तेमाल अभी दूर की बात है। �
वैज्ञानिक यह भी बता रहे हैं कि जैसे EV को मेटर के ऊपर ही चार्ज करना संभव होगा, वैसे ही दूर-दराज़ के इलाकों में बिजली सप्लाई बेहतर हो सकती है। �
💡 4. यह कब आम हो सकता है?
इस तकनीक के बहुत बड़े तकनीकी, सुरक्षा और नियामक परीक्षण बाकी हैं — जैसे:
बिजली को बिना ऊर्जा नुकसान के भेजना
मानव और पर्यावरण पर प्रभाव
मानकीकरण और नियम बनाना
इन कारणों से वायरलेस बिजली के घर-घर तक पहुंचने में कई साल या दशक लग सकते हैं, यानी फिलहाल यह रोज़मर्रा की चीज़ नहीं है। �
🚀 भविष्य में क्या संभावनाएँ हैं?
वैज्ञानिक मानते हैं कि अगर तकनीक सफल होती है, तो इससे: 🔹 चार्जिंग स्टेशन-मुक्त EV
🔹 स्मार्ट होम डिवाइसेस वायरलेस पावर
🔹 रिमोट/दुर्लभ इलाकों में बिजली पहुँचाना आसान
जैसी संभावनाएँ खुलेंगी। �