हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक “artificial womb” यानी कृत्रिम गर्भाशय विकसित करने की दिशा में बड़ी प्रगति की है — जिसमें रोबोटिक मशीनें और कंप्यूटर कंट्रोल सिस्टम मिलकर भ्रूण को शुरुआती स्टेज में विकसित करते हैं।
👉 ऐसा सिस्टम चूहों और अन्य जानवरों पर टेस्ट किया जा चुका है। अब इसे भविष्य में इंसानी भ्रूणों पर लागू करने की तैयारी चल रही है (हालांकि कानूनी और नैतिक बाधाएँ अभी भी बहुत हैं)।
कैसे काम करेगा यह “रोबोटिक गर्भाशय”?
रोबोटिक मशीनें IVF (test‐tube) से बने भ्रूण को संभालेंगी।
एक पॉड जैसी थैली में भ्रूण रखा जाएगा — जहाँ उसका विकास होगा।
तापमान, पोषण, ऑक्सीजन, हार्मोन सब कुछ AI-संचालित सेंसर और रोबोट नियंत्रण में रखेंगे।
वैज्ञानिक बिना माँ के गर्भ के — भ्रूण की हर स्टेज को मॉनिटर और कंट्रोल कर पाएंगे।