बजट से पहले अधिकारियों के “लॉक-इन” होने की खबर हर साल आती है और सुनने में थोड़ी फिल्मी भी लगती है 😄
लेकिन इसके पीछे काफी सख़्त और दिलचस्प प्रक्रिया होती है। चलिए पूरी इनसाइड स्टोरी आसान भाषा में समझते हैं 👇
🔒 बजट से पहले अधिकारी क्यों “लॉक” हो जाते हैं?
🗓️ कब से शुरू होता है लॉक-इन?
आम तौर पर बजट पेश होने से 7–10 दिन पहले
वित्त मंत्रालय (North Block) से जुड़े चुनिंदा अधिकारी एक खास परिसर में “लॉक” कर दिए जाते हैं।
👥 कौन-कौन होते हैं लॉक-इन में?
वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी
बजट डिवीजन के अफसर
आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ
प्रिंटिंग से जुड़े कर्मचारी
कभी-कभी चुनिंदा सुरक्षा अधिकारी
👉 ये वही लोग होते हैं जिन्हें बजट के आख़िरी ड्राफ्ट की जानकारी होती है।
🚫 “लॉक” का मतलब क्या है?
यह जेल जैसा लॉक नहीं होता, लेकिन नियम बेहद सख़्त होते हैं:
❌ बाहर जाने की इजाज़त नहीं
❌ मोबाइल फोन नहीं
❌ इंटरनेट, ई-मेल, सोशल मीडिया — सब बंद
❌ परिवार से भी सीधे संपर्क नहीं
✔️ रहना-खाना सब उसी परिसर में
✔️ 24×7 सुरक्षा और निगरानी
🛑 इतनी सख़्ती क्यों ज़रूरी?
वजह सिर्फ़ एक है: बजट लीक न हो
अगर बजट की जानकारी पहले बाहर आ जाए तो:
शेयर बाज़ार हिल सकता है 📉📈
बड़े निवेशकों को अनुचित फायदा मिल सकता है
सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकता है
इसलिए बजट को देश का सबसे गोपनीय दस्तावेज़ माना जाता है।
🖨️ बजट की छपाई कहाँ होती है?
पहले:
राष्ट्रपति भवन के पास स्थित नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में
अब:
आधुनिक डिजिटल और सिक्योर प्रिंटिंग सिस्टम के ज़रिये
लेकिन आज भी: 👉 मानव हस्तक्षेप वाले हर स्तर पर लॉक-इन ज़रूरी है
✂️ “हलवा सेरेमनी” का क्या रोल है?
आपने तस्वीरें देखी होंगी 🍲
🔸 वित्त मंत्री अधिकारियों को हलवा परोसते हैं
🔸 यह परंपरा लॉक-इन की औपचारिक शुरुआत मानी जाती है
🔸 मतलब:
“अब बजट बाहर नहीं, सीधा संसद में ही जाएगा”
🔓 लॉक-इन कब खत्म होता है?
📢 बजट पेश होने के ठीक बाद
जैसे ही वित्त मंत्री संसद में बजट पढ़ना शुरू करते हैं —
➡️ अधिकारी “आजाद” माने जाते हैं 😌
🧠 दिलचस्प फैक्ट
यह परंपरा ब्रिटिश काल से चली आ रही है
डिजिटल दौर के बावजूद भारत आज भी इसे सख़्ती से निभाता है
कई अधिकारी इसे अपने करियर का सबसे तनावपूर्ण लेकिन गर्व का पल मानते हैं
🧾 निष्कर्ष
🔐 अधिकारियों का “लॉक-इन”
❌ कोई नाटक नहीं
✔️ देश की आर्थिक सुरक्षा का अहम हिस्सा
बजट से पहले क्यों ‘लॉक’ हो जाते हैं अधिकारी? जानें ये इनसाइड स्टोरी
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