पुलिस गोली न मारे तो क्या गोली खाए?’ एनकाउंटर पर CM योगी

📰 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एनकाउंटर बयान — “पुलिस गोली न मारे तो क्या गोली खाए?”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस मुठभेड़ों (एनकाउंटर) को लेकर उठ रहे सवालों पर कड़ा जवाब दिया है। उनके इस बयान का मकसद कानून-व्यवस्था में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को स्पष्ट तौर पर अभिव्यक्त करना है। �

पुलिस गोली न मारे तो क्या गोली खाए? सीएम योगी बोले- जो जिस भाषा में समझे उसी भाषा में…
CM Yogi Adityanath defends UP police encounters, cites zero tolerance for crime policy

🔹 क्या कहा मुख्यमंत्री ने?
लखनऊ में आयोजित यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 के दौरान सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोग पुलिस की मुठभेड़ों पर सवाल उठाते हैं, पूछते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों चलाई। �

उन्होंने पलटकर कहा — “अगर पुलिस गोली नहीं मारेगी, तो क्या पुलिस खुद गोली खाएगी?” — यह रुख स्पष्ट करता है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। �

🔹 ‘कानून की भाषा’ का तात्पर्य
सीएम योगी ने यह भी कहा कि सरकार की नीति ‘कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई’ की है, लेकिन यदि अपराधी कानून से भयभीत नहीं होता या खुलेआम हमला करता है, तो पुलिस को तुरंत और सक्षम जवाब देना होता है। इनके शब्दों में — उसी “भाषा में जवाब देना” ज़रूरी होता है, जो अपराधी समझे। �

🔹 राजनीतिक संदर्भ भी जोड़ा
उन्होंने इस टिप्पणी के दौरान समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पर भी कटाक्ष किया, यह कहते हुए कि एनकाउंटर पर उठाए गए सवालों के पीछे राजनीतिक रुख भी देखा जा रहा है। �

🔹 योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
सीएम ने दोहराया कि सभी के लिए कानून बराबर है, चाहे कोई आम व्यक्ति हो या राजनीतिक अनुयायी — कोई भी अगर अपराध करता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्षों में सख्त कानून-व्यवस्था ने राज्य में शांति और निवेश के माहौल को बेहतर बनाया है। �

📌 संक्षेप:
सीएम योगी आदित्यनाथ ने एनकाउंटर को लेकर आलोचना पर पलटकर कहा कि अगर पुलिस अपराधियों के हमले का जवाब नहीं देगी, तो क्या वह खुद गोली खाएगी — यह बयान उनके ‘कानून-व्यवस्था में कड़ा रुख’ को दोहराता है और यह भी बताता है कि अपराधियों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी। �

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