बीजेपी सरकार का बड़ा फैसला इन राज्यों में गुटखा-तंबाकू बैन

बड़ी खबर: बीजेपी शासित राज्य सरकार का बड़ा फैसला — गुटखा, तंबाकू सहित सभी नशीले उत्पादों पर प्रतिबंध
आज़ (22 जनवरी 2026) ओडिशा सरकार ने स्वास्थ्य और सार्वजनिक कल्याण को ध्यान में रखते हुए राज्य में गुटखा, पान मसाला, बीड़ी, सिगरेट, खैनी, जर्दा और अन्य तंबाकू/निकोटीन युक्त उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध (बैन) लगा दिया है। इस फैसले के तहत इन उत्पादों का:
निर्माण, पैकेजिंग, भंडारण, वितरण और बिक्री हर रूप में प्रतिबंधित है,
यहाँ तक कि किसी भी खाद्य उत्पाद में तंबाकू या निकोटीन मिला होना भी प्रतिबंधित माना जाएगा। �
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यह निर्णय राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के ज़रिये लागू हुआ है, और इसका उद्देश्य विशेष रूप से कैंसर और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना है। ओडिशा सरकार ने इस कदम को व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीति के हिस्से के रूप में बताया है, और कहा है कि यह सुप्रीम कोर्ट और FSSAI (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के दिशानिर्देशों के अनुरूप है। �

📍 प्रमुख बातें
सरकार ने बताया है कि राज्य को तंबाकू मुक्त बनाना इसी फैसले का मुख्य लक्ष्य है। �

यह आदेश पहले से जारी 2013 के प्रतिबंधों को और व्यापक/स्पष्ट बनाता है ताकि लागू व्यवस्था में किसी तरह के छिद्र न रहें। �

🗺️ क्या सिर्फ एक राज्य में लागू?
इस नए निर्णय का फिलहाल केवल ओडिशा राज्य पर प्रभाव है और यह राज्य सरकार द्वारा लागू किया गया है।
हालाँकि देश के अन्य राज्यों में पहले से गुटखा और तंबाकू उत्पादों पर बैन या नियंत्रण के उपाय रहे हैं या लागू होते रहे हैं — जैसे कि:
गुजरात में गुटखा पर पहले से प्रतिबंध है और उसे बढ़ाया गया है (हालांकि यह अलग अधिनियमों के तहत है)।


झारखंड सरकार ने पिछले साल गुटखा/पान मसाला पर प्रतिबंध लगाया था। �

अगर आप चाहें, मैं आपको बता सकता/सकती हूँ कि इन प्रतिबंधों का प्रभाव आम लोगों और उत्पाद बाज़ारों पर क्या होगा, और इसका अनुपालन कैसे सुनिश्चित किया जाएगा।

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