भारतीय मौसम विभाग (IMD) की चेतावनियों और रिपोर्टों के अनुसार ठंड, घना कोहरा और पाला कई राज्यों में छाया हुआ है, जिसका कृषि पर मिला-जुला असर देखा जा रहा है। �
📉 पाला और ठंड से जोखिम:
दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और आसपास के इलाकों में पिछले दिनों पाले गिरने और तापमान करीब शून्य पर पहुंचने की स्थिति देखने को मिली है। इससे कुछ खेतों, खासकर ऊँची सतहों पर उगी फसलों को नुकसान का खतरा बताया जा रहा है। �
मौसम में ठंड और कोहरे की वजह से सुबह-शाम तापमान और भी गिरता है, जिससे कुछ संवेदनशील फसलों को ठंड-स्ट्रेस का सामना करना पड़ सकता है। �
🌾 गेहूं और सरसों पर असर:
ठंड और कोहरा गेहूं और सरसों जैसी रबी फसलों के लिए सामान्यतः फायदेमंद मौसम के संकेत हैं — यह फसलें ठंडी परिस्थितियों को सहन कर पाती हैं और कोहरे में नमी मिलने से विकास को बढ़ावा मिलता है। �
विशेषज्ञों का मानना है कि हल्की बरसात और नमी गेहूं के दानों को मजबूत बनाती है और कुल पैदावार में मदद कर सकती है। �
⚠️ कुछ अन्य फसलों पर जोखिम:
कोहरे और ठंडी नमी की वजह से आलू, सरसों के फूल तथा अन्य संवेदनशील फसलें अधिक जोखिम में हैं — बेमौसम बारिश या पाले के चलते इनमें रोग, फूल का झड़ना या पैदावार में गिरावट संभव है। �
🌐 आगे का मौसम और सलाह:
IMD ने कई इलाकों में लगातार कोहरे और ठंड की चेतावनी जारी की है, साथ ही अगले कुछ दिनों में कुछ राज्यों में बेमौसम बारिश और पश्चिमी विक्षोभ का असर भी दिख सकता है, जो मौसम को और बदल सकता है। �
किसान भाइयों को सलाह दी जा रही है कि वे पाला-स्ट्रेस एवं नमी-रोगों से बचाव के उपाय अपनाएँ और मौसम अपडेट पर नजर रखें।
मौसम का असर फसलों पर उत्तर भारत में ठंड और कोहरे से गेहूं व सरसों की फसल को फायदा, जबकि कुछ इलाकों में पाले का खतरा बना हुआ है।
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