ट्रेन लेट होने पर आपको भी मिल सकता है हर्जाना? जानिए कैसे…

अगर आपकी ट्रेन देर (लेट) होती है तो कुछ परिस्थितियों में आप कुछ रिफंड / मुआवज़ा / सुविधाएँ पा सकते हैं — लेकिन यह सीधा “मुआवज़ा हर्जाना” जैसा नहीं है जैसा हर कोई सोचता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं 👇
🚆 1) सरकारी ट्रेनों में रिफंड (Refund) पाने का तरीका
भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक…
📌 🧾 3 घंटे से ज्यादा लेट होने पर
➡️ अगर कोई ट्रेन 3 घंटे से अधिक देरी से चलती है और आप यात्रा नहीं करना चाहते, तो आप टिकट के पैसे वापस (पूरा रिफंड) पा सकते हैं।
➡️ इसके लिए आपको TDR (Ticket Deposit Receipt) फाइल करना होता है। यह IRCTC की वेबसाइट/ऐप में किया जाता है।
➡️ जैसे कि TDR में आप कारण के रूप में “ट्रेन 3 घंटे से अधिक लेट” चुनते हैं। रेलवे नियमों में यह प्रावधान है। �

उदाहरण: ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट = आप TDR फाइल कर सकते हैं → पूरा टिकट रिफंड। �

🍲 2) कुछ प्रीमियम ट्रेनों में सुविधाएँ
कुछ ट्रेनों में देरी के कारण यात्रियों को मुफ्त खाना जैसे ऑफ़र भी मिलते हैं — लेकिन यह सारे ट्रेनों में नहीं होता:
✔️ राजधानी, शताब्दी, दुरन्तो जैसी ट्रेनों में अगर देरी 2 घंटे से ज्यादा हो जाती है तो
मुफ्त खाना (जैसे लंच/डिनर) मिल सकता है। �

💰 3) सीधा “हर्जाना/कंपनसेशन” नहीं मिलता (Railways नियम)
➡️ आम तौर पर रेलवे में देरी होने पर सीधे पैसा देने का कोई नियम नहीं है —
मतलब अगर ट्रेन 4, 6 या 10 घंटे लेट है, तो रेलवे स्व-चालित रूप से आपको पैसा नहीं देती. �

👉 ट्रेन देर होने पर सिर्फ वही चीज़ें हैं जो नियम में लिखी हैं — TDR refund या मुफ्त भोजन की सुविधा (premium trains में)।
⚖️ 4) कानूनी मामलों में मुआवज़ा (Compensation) मिल सकता है
हाल ही में एक उपभोक्ता न्यायाधिकरण ने बड़ा फ़ैसला सुनाया है:
➡️ उत्तर प्रदेश के बस्ती में रहने वाली छात्रा समृद्धि को रेलवे से ₹9.10 लाख का हर्जाना मिला, क्योंकि ट्रेन की देरी के कारण वो अपनी एंट्रेंस परीक्षा देने नहीं पहुंच सकी।
➡️ रेलवे ने कारण नहीं बताया और अदालत ने रेलवे को लापरवाही का दोषी माना और मुआवज़ा देने का आदेश दिया। �

📌 यह एक कानूनी फैसले है — ऐसा हर केस में नहीं होता, पर गंभीर नुकसान / लापरवाही दिखाने पर अदालत मुआवज़ा दे सकती है।
📝 आप क्या कर सकते हैं
✅ अगर ट्रेन लेट है और आप:
✔️ यात्रा नहीं करना चाहते → IRCTC में TDR फाइल करें
✔️ Sponsored premium train में हैं और 2+ घंटे लेट है → मुफ्त खाना मांग सकते हैं (नीति के अनुसार)
✔️ बहुत बड़ा नुकसान हुआ है (जैसे परीक्षा छूटना, महत्वपूर्ण काम) → उपभोक्ता फोरम/लॉ कोर्ट में केस करके मुआवज़ा मांग सकते हैं
📌 हो सकता है आप को पैसा न मिले
➡️ केवल “लेट होने” के लिए रेलवे अपने आप पैसा नहीं देती —
➡️ तीन घंटे से कम देरी में कोई refund/compensation नहीं मिलेगा। �

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