ISRO के लिए बजट: ₹13,705.63 करोड़
केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत सरकार ने अंतरिक्ष विभाग (Department of Space) को कुल ₹13,705.63 करोड़ का आवंटन किया है। यह पिछले वित्त वर्ष के अनुमान ₹13,416 करोड़ से थोड़ा अधिक है और पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान ₹12,448.60 करोड़ से भी अधिक है। �
🌌 स्पेस स्टेशन और बड़ी योजनाएँ
इस बजट आवंटन से ISRO को अपना स्पेस स्टेशन बनाने के लक्ष्य के करीब ले जाने में मदद मिलेगी। ISRO की योजनाओं में शामिल है: ⭐ अपने खुद के स्पेस स्टेशन की दिशा में काम
⭐ गगनयान मिशन की बिना क्रू वाली उड़ानें
⭐ भारी पेलोड बेहतर रॉकेटों के ज़रिए ऑरबिट में भेजना
⭐ नेक्स्ट-जेनरेशन लॉन्च व्हीकल (NGLV) तैयार करना
🚀 मुख्य क्षेत्र जहाँ बजट खर्च होगा
कुल राशि में से सबसे बड़ा हिस्सा ‘स्पेस टेक्नोलॉजी’ (≈ ₹10,397.06 करोड़) के लिए निर्धारित है, जो कई प्रमुख ISRO केंद्रों (जैसे विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर, लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम सेंटर, यू आर राव सैटेलाइट सेंटर आदि) की गतिविधियों को सपोर्ट करेगा। �
📈 क्या यह बड़ा कदम है?
बजट में मामूली वृद्धि (~2%) है, लेकिन यह संकेत देता है कि सरकार ISRO के महत्वाकांक्षी मिशनों, मानव अंतरिक्ष उड़ानों और स्पेस स्टेशन जैसी महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रही है। �
📌 संक्षेप में:
➡️ भारत का अंतरिक्ष विभाग को ₹13,705.63 करोड़ का बजट मिला।
➡️ इसका इस्तेमाल स्पेस स्टेशन, गगनयान और नई तकनीकों के विकास में होगा।
➡️ यह कदम भारत की स्पेस क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में है।
ISRO बनाएगा अपना स्पेस स्टेशन, अंतरिक्ष विभाग का बजट हुआ ₹13,705.63 करोड़
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