राष्ट्रगान की तरह अब वंदे मातरम के लिए भी खड़ा होना होगा!

📰 भारत सरकार ‘वंदे मातरम’ के सम्मान के लिए राष्ट्रीय-गान जैसा प्रोटोकॉल लागू करने पर विचार कर रही है — जिसका मतलब है कि अब वंदे मातरम के दौरान भी खड़े होने जैसे नियम बन सकते हैं, बिल्कुल जैसे राष्ट्रगान (जन गण मन) के लिए लागू हैं। �
क्या बदलाव हो सकता है📌 वर्तमान में “जन गण मन” (राष्ट्रीय गान) के समय खड़े होना और सम्मान देना कानून के तहत अनिवार्य है — और इसका उल्लंघन Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 के तहत दंडनीय भी है। �
📌 लेकिन वंदे मातरम (राष्ट्रीय गीत) के समय कोई साफ-सुथरा नियम या लिखित प्रोटोकॉल नहीं है — लोग खड़े होंगे या नहीं, यह अब तक तय नहीं था। �

अब केंद्र सरकार गृह मंत्रालय की बैठक में इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा कर रही है — कि
✅ वंदे मातरम के गायन या बजने के समय भी राष्ट्रगान जैसा सम्मान देना अनिवार्य हो,
✅ खड़े होना और अनुशासन का पालन करना नियमों में शामिल हो,
✅ और यदि संभव हो तो इसके लिए आधिकारिक दिशा-निर्देश या क़ानूनी प्रावधान भी बनाए जाएँ। �

📌 क्यों यह कदम उठाया जा रहा है?
➤ सरकार इस कदम को राष्ट्रीय गीत के सम्मान को और अधिक औपचारिक रूप देना मान रही है।
➤ यह विचार देश के सांस्कृतिक और राष्ट्र-भक्ति के मूल्यों को और सशक्त करने की दिशा में है। �

🧠 ध्यान देने वाली बात
✔️ अभी यह अधिकारिक कानून नहीं बना है — सरकार केवल नियम-प्रोटोकॉल बनाने पर विचार कर रही है; इसे मंज़ूरी देकर लागू किया जाएगा तो ही हर जगह समान रूप से लागू होगा। �
✔️ वंदे मातरम पहले से भारत का राष्ट्रीय गीत है और संविधान सभा ने इसे सम्मानित गीत के रूप में स्थान दिया है — पर अब तक उसका व्यवहारिक नियम नहीं था। �

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