आज (29 जनवरी 2026) भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा हाल ही में जारी नए नियमों/रेगुलेशनों पर अस्थायी रोक (stay) लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि इन नए नियमों में अस्पष्टता और दुरुपयोग की संभावनाएँ हैं, इसलिए उन्हें और समीक्षा की आवश्यकता है। �
📌 क्यों रोक लगाई गई?
सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि 2026 के नए UGC नियमों की भाषा अस्पष्ट है और इसका दुरुपयोग हो सकता है। �
न्यायालय ने यह भी कहा कि ये नियम समाज में विभाजन पैदा कर सकते हैं और संवैधानिक सवाल खड़े कर सकते हैं। �
कोर्ट ने केंद्र सरकार और UGC को नोटिस जारी किया है और आगे विस्तृत सुनवाई की तारीख तय की है। �
📍 अब क्या लागू रहेगा?
अभी के लिए पुराने UGC के 2012 के नियम (anti-discrimination/ equity regulations) लागू रहेंगे जब तक कि अगली सुनवाई (जैसे कि मार्च) न हो जाए। �
🔥 देशभर में प्रतिक्रिया
नए नियमों को लेकर देश भर के छात्रों और समूहों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। �
कुछ समूहों का कहना है कि नए नियम कुछ वर्गों के खिलाफ भेदभाव करते हैं, जिससे विवाद बढ़ा। �
🧠 सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट की पीठ (CJI सूरत कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची) ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब तक नियमों की स्पष्ट परिभाषा और संवैधानिक आधार स्थापित नहीं हो जाते, तब तक 2012 के नियम लागू रहेंगे। �
UGC के नए नियम पर हम रोक लगा रहे हैं – सुप्रीम कोर्ट
Top Stories
Related Post
- Breaking News
- Education